क्यों मुसलमान आज भरोसा नहीं कर रहा हैं देश के हुक्मरानो पर , परवीन अर्शी ..

एक और जहा देश के बंटवारे के वक़्त कुछ मुसलमानो ने अपनी सरज़मी हिन्दुस्तान को चुना था, रहने के लिए |आज वही मुसलमान अपनी वफादारी का सबूत देते फिर रहा हैं ,की वो इस देश का ही हिस्सा हैं | कहा जायेगा वो अपना देश छोड़ कर |

ये देश मे जहां हिन्दू मुसलमान मिलकर रहते थे | पड़ोस की सब्जी का स्वाद हर घर को पता रहता था, की काकी क्या अच्छा बनाती हैं ,या चाची कौन सा सालन अच्छा बनाती हैं | उस देश के बच्चो को आज मज़हब के नाम पर बांटा जा रहा हैं | तालीम के बदले ज़ुल्म से दो चार हो रहे हैं आज के बच्चे ,ये कैसा देश हैं गाँधी का, सरदार का ,मौलाना आज़ाद का |

अंग्रेज़ो का तो फिर भी पता था, की ये ज़ुल्म ही करेगे ,लेकिन ये क्या अपने ही देश के लोग एक दूसरे पर ज़ुल्म कर रहे हैं | एक दूसरे के खून के प्यासे होगये हैं | कहा गया बाबा साहेब का संविधान | कहा जा रहा हैं ये देश, संविधान के नाम पर | क्यों हो रहा हैं ये सब ,आखिर क्या चाहता हैं कोई या क्यों ये बदला लिया जा रहा हैं. देश के लोगो से बाबर की बर्बरता का |

समय बदल गया हैं लोग चले गए हैं ,पीढ़िया गुज़र गई हैं |क्या अब भी द्वेष ही रखेगे एक दूसरे से ,जहा राखी मनाई जाती हैं ये देखकर नहीं की भाई हिन्दू हैं या मुसलमान बस रिश्ता जोड़ लिया जाता हैं , एक रेशमी धागे से और मरते दम तक निभाया भी जाता हैं | फिर कैसा हिन्दू या मुसलमान , जहा शादियाँ होती हैं पसंद से , बिना धर्म देखे तो उन बच्चो का क्या वो भी हिन्दू मुसलमान करते रहे |

नीतियाँ बनाई जाती हैं सब के भले के लिए ,लेकिन सब को विश्वास मे लेकर फिर | क्यों मुसलमान आज भरोसा नहीं कर रहा हैं देश के हुक्मरानो पर ? आखिर वजह क्या हैं ? क्यों इतनी नफरत फैली हुई हैं ? दिलो मे , क्यों असुरक्षित महसूस कर रहा हैं आज का मुसलमान ?वजह कोई नहीं जानना चाहता हैं ? ना समझाना चाहता हैं ? और बस एक किनारे होने के डर से मुसलमान खुद ही किनारा कर रहा हैं |

देश का मसला दुनिया मे क्यों शोर मचा रहा हैं? आखिर हमारे घर का मसला हैं? देश का मसला हैं ? हमे ही हल करना होगा |कौन करेगा पैरवी मुसलमानो की ?जो आज तक सिर्फ खुद की थाली मे सालन ही ला पाए हैं | वो करेगे क्या ? ना तो कोई तालीम की पैरवी करता हैं मुसलमानो की ? नहीं उनके रोज़गार के लिए कोई बंदोबस्त या आवाज़ उठता हैं |

टीवी चैनेलो पर बैठकर ये दिखावा कर देना की मुसलमान के असली पैरोकार यही हैं |कोई इनसे पूछे की कितनी स्कूले इन्होने खुलवाए हैं | कितने लोगो को पढ़ा लिखा कर तालीमयाफ्ता बनाया हैं | कितनी बच्चियों की इल्म की दुनिया से वाकफियत करवाई हैं| सवाल बहुतहैं | लेकिन जवाब किसी के पास नहीं हैं |

हमे ही आगे आना होगा देश को बचने के लिए |हुक्मरानो को दिखाना होगा की ये देश गंगा जमुना तेहज़ीब का देश हैं, यहाँ कोई किसी को, किसी से ,अलग नहीं कर सकता हैं |देश को संभालने के लिए हिन्दू मुसलमान दोनों को ही आगे आना होगा, और आ भी रहे हैं | आखिर ये देश की आज़ादी के लिए खून सभी ने बहाया हैं |इसलिए अब दोनों ही कौमो का खून बहने से हिन्दू और मुसलमान दोनों ही साथ आकर रोक पाएंगे इस तरह की मुसीबतों से | आखिर ये हमारे घर का मामला हैं ,ये हमारे देश का मामला हैं |
जयहिंद

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