बेटो को पढ़ाओ,बेटियों को बचाओ,परवीन अर्शी

                      

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक सरकारी डॉक्‍टर प्रियंका रेड्डी के साथ गैंगरेप, हत्‍या और जला देने के दिल दहला देने वाले मामले में बड़ा हुआ है। हैवानियत की यह घटना बुधवार रात 9.35 से 10 बजे के बीच की है।ये खबर ने सबका दिल दहला रखा हैं आंखिर कहा जा रहा हैं ,हमारा समाज एक ओर बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा दिया जाता हैं और उस पर काम भी किया जाता हैं |लेकिन फिर उन बेटियों को बचाने के लिए कोई ठोस कदम या ठोस कानून मे सजा का प्रावधान नहीं किया जाता हैं हथियारे यही घूमते हैं खुले मे | अब वक़्त आ गया हैं की हम अपने बेटो को शिक्षित करे उन्हे औरतों की इज़्ज़त करना सिखाए| ये वह देश हैं जहाँ नारी की पूजा की जाती हैं देवी के रूप मे, पूजा जाता हैं नारी को |माँ भी एक नारी हैं जिसके पैरों के नीचे जन्नत होती हैं |तो फिर उसी नारी की इज़्ज़त तार तार करते वक़्त ये बाते क्यों याद नहीं आती हैं इन दरिंदो को| शायद हमारा समाज अपनी वैल्यूज को खोता जा रहा हैं परवरिश कमज़ोर पढ़ती जा रही हैं कही ना कही |

पुलिस जांच में पता चला है कि इस जघन्य वारदात के एक आरोपी मोहम्‍मद आरिफ ने हैवानियत के दौरान पीड़‍िता का मुंह दबा रखा था ताकि उनकी चीखों को कोई सुन न सके। वह तड़पती रहीं और दरिंदे उनके साथ हैवानियत करते रहे।महिला डॉक्‍टर की लाश इतना ज्‍यादा जल गई थी कि पहचान में नहीं आ रही थी। पीड़‍िता ने गणेश जी का लॉकेट पहना था, जिससे शव की पहचान हो सकी।

महिला डॉक्‍टर कैब लेकर गचिबोवली गईं और रात करीब 9 बजे अपनी स्‍कूटी लेने के लिए वापस लौटीं। उन्‍होंने पाया कि उनकी स्‍कूटी के एक टायर में हवा नहीं है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने ही साजिश के तहत स्‍कूटी से हवा न‍िकाल दी थी। महिला डॉक्‍टर स्कूटी से हवा निकलने के चलते परेशान थीं। इसी दौरान मोहम्‍मद आरिफ उनके पास मदद देने के बहाने गया। उसका एक हेल्‍पर शिवा स्‍कूटी को ठीक कराने के बहाने कुछ दूर ले गया।

गैंगरेप के बाद आरोपी डॉक्‍टर के शव को एक ट्रक पर लादकर हाइवे पर कुछ आगे बढ़े और एक पेट्रोल पंप से पेट्रोल और डीजल खरीदा। उन्‍होंने बताया कि सुनसान जगह पाकर आरोपियों ने डॉक्‍टर के शव को फेंक दिया और पेट्रोल छिड़कर उसमें आग लगा दी।

पहले मीडिया से बातचीत में शुक्रवार को गृहमंत्री मोहम्‍मद महमूद अली का दिया बयान ‘इस घटना से हम दुखी हैं। पुलिस सतर्क है और अपराध नियंत्रित कर रही है। यह दुर्भाग्‍यपूण है कि महिला डॉक्‍टर ने 100 नंबर की जगह अपनी बहन को फोन किया। अगर उन्‍होंने 100 नंबर पर कॉल किया होता तो उन्‍हें बचाया जा सकता था।

जनाब आज घरवालों पर ज़्यादा भरोसा हैं लोगो को पुलिस पर नहीं ,ओर ऐसी घटनाओ मे पुलिस को सबसे पहले कौन फोन करता हैं |घरवाले ही याद आते हैं पहले ,वक़्त और हालत कुछ याद नहीं रहने देते हैं जब सामने दरिंदे खड़े हो और इज़्ज़त दाव पर लगी हो तो |

ख़बरों की माने तो पुलिस ने कहा है कि आरोपियों ने ही साजिश के तहत स्‍कूटी से हवा न‍िकाल दी थी ताकि वे महिला डॉक्‍टर को अपने जाल में फंसाकर वारदात को अंजाम दे सकें।पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गैंगरेप के दौरान महिला डॉक्‍टर ने मदद के लिए गुहार लगाना शुरू कर दिया।आरोपियों को लगा कि वे पकड़े जा सकते हैं। इसी बीच मोहम्‍मद आरिफ ने महिला पशु डॉक्‍टर का मुंह बंद कर दिया ताकि उनकी आवाज बाहर न आ सके।

हैदराबाद पुलिस ने बताया कि लोगों से पूछताछ और सीसीटीवी की मदद से आरोपियों को अरेस्‍ट किया गया। घटना से जुड़े चार आरोपियों ने अपराध को अंजाम देने के दौरान शराब पी रखी थी। पुलिस करेगी केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में भेजने की सिफारिश|

इस बीच, पीड़‍िता की मां ने सभी दोषियों को सबके सामने जिंदा जलाने की मांग की है। परिवार वालों ने यह भी कहा है कि साइबराबाद पुलिस उन्‍हें दौड़ाती रही। अगर उसने तत्‍काल कार्रवाई की होती तो पीड़‍िता को जिंदा बचाया जा सकता था।

मां ने बताया कि घटना के बाद मेरी छोटी बेटी थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंची लेकिन उसे दूसरे थाने भेज दिया गया। ख़बरों के अनुसार पीड़‍िता की बहन ने भी कहा हैं की , ‘एक पुलिस स्‍टेशन से दूसरे पुलिस स्‍टेशन जाने में हमारा काफी समय बर्बाद हो गया। अगर पुलिस ने समय बर्बाद किए बिना कार्रवाई कर दी होती तो मेरी बहन आज जिंदा होती।’

राष्‍ट्रीय महिला आयोग ने मांगी र‍िपोर्ट आयोग की चेयपर्सन रेखा शर्मा ने कहा कि यह समिति दोषियों को सजा मिलने तक चैन से नहीं बैठेगी। उन्‍होंने हैदराबाद पुलिस से विस्‍तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।

दिल्ली एक प्रोटेस्टर अनु दुबे अब चार घंटे से पुलिस हिरासत में हैं| अनु शांतिपूर्वक विरोध कर रही थी लेकिन दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने उसे हिरासत में ले लिया। वह अब चार घंटे से पुलिस हिरासत में है

इस महिला अनु को एक टीवी चैनल की टीम द्वारा देखा गया था, जब वह दिल्ली में संसद भवन के पास विरोध प्रदर्शन कर रही थी। उसने हैदराबाद पशु चिकित्सक के गैंगरेप और हत्या के खिलाफ आवाज उठाई। वह एक बोर्ड लेकर चल रही थी जिसमें कहा गया था, “क्यों? मैं भारत में सुरक्षित महसूस नहीं कर सकती।”

दिल्ली महिला पुलिस की भी बर्बरता सामने आगई इसीलिए लोग पुलिस के पास जाने से डरते हैं क्योकि पुलिस का ऐसा चेहरा भी सामने आता हैं |दिल्ली महिला आयोग (DCW) की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने भी अनु के साथ की गई ज़्यादती का विरोध किया और अनु से मिलने थाने पहुंची |

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