छोटी उम्र के बड़े हौसले परिकुल भारद्वाज के

कहते हैं न पूत के पाँव पालने मे ही नज़र आते हैं ,ऐसे परिकुल भारद्वाज के बारे मे कह सकते हैं |आज ही के दिन जन्मी परिकुल ने अपने माता  डॉ अनीता और पिता  डॉ  प्रदीप भरद्वाज से ही सीखा हैं , ऊँची उड़ान उड़ना | इस छोटी सी उम्र मे लोगो की सेवा करने का जज़्बा रखने वाली परिकुल को राष्ट्रीय रिकॉर्ड से सम्मानित किया जा चूका हैं | परिकुल भारद्वाज, ने दुर्लभ क्षमताओं और बहादुरी  का खूब प्रदर्शन किया | परिकुल भारद्वाज ने महिला (12 वर्ष) यंगेस्ट सोशल वर्कर मेड इन इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में राष्ट्रीय एकता में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया हैं ।

 

पारिकुल भारद्वाज, आयु 12 वर्ष, माउंट सेंट मार्टी स्कूल के 8 वीं कक्षा की छात्र हैं |पारिकुल केदारनाथ यात्रा 2018 में शामिल सामाजिक सेवाओं के लिए सबसे कम उम्र के छात्र स्वयंसेवक थी | उन्होंने तीर्थयात्रियों को 12000 फीट की ऊंचाई पर लगातार 45 दिनों की सामाजिक सेवाएं प्रदान कीं। उन्होंने अपनी पूरी गर्मी की छुट्टियां माइनस तापमान और कठिन परिस्थितियों में केदारनाथ में सेवा करने में बिताईं हैं ।

राष्ट्रीय रिकॉर्ड के टोकन के रूप में, उन्हें 1500 लोगों की उपस्थिति में भोपाल में सम्मानित किया गया। उनके माता पिता मानते हैं  कि 1500 दर्शकों के सामने सम्मान पाना  गौरव का क्षण है, स्कूल के साथ-साथ अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा भी हैं , परकुल की माँ डॉ अनीता भारद्वाज ने बताया की परिकुल का उत्कृष्ट कार्य सर्वोच्च बलिदान, उच्च जोखिम पर महान जोखिम भरे कार्यो को करने वाली एक उदाहरण है, सब के लिए |

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