इंदौर स्वछता में फिर सबसे आगे, लगाई हैटट्रिक…

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●अर्श रफीक विसाल

ब्रिटिश राज में इन्दौर 19 गन सेल्यूट रियासत था। अंग्रेजी काल में भी यहां होलकर राजवंश का राज रहा था। भारत के स्वतंत्र होने के कुछ समय बाद इसे भारत अधिराज्य में मिला दिया गया। इंदौर 1950 से 1956 तक मध्य भारत की राजधानी रहा। इंदौर अपने स्थापना के इतिहास में 16वीं सदी के दक्कन (दक्षिण) और दिल्ली के बीच एक व्यापारिक केंद्र रहा है।

मराठा पेशवा बाजीराव प्रथम की फौज ने मल्हारराव होलकर के नेतृत्व में मालवा पर पूर्ण नियंत्रण करने के बाद, 18 मई 1724 को इंदौर मराठा साम्राज्य में मिल गया था। मल्हारराव होलकर को वहाँ का सुबेदार बनाया गया। जिन्होंने आगे चल कर होलकर राजवंश की स्थापना की।

इन्दौर भारत के मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा शहर रहा। मालवा पठार के दक्षिणी छोर पर स्थित इंदौर शहर, राज्य की राजधानी भोपाल से 190 किमी पश्चिम में स्थित है। यह मध्यप्रदेश का घनी आबादी वाले शहर है। इन्दौर ज़िला और संभाग दोनों के मुख्यालय है। यह मध्य प्रदेश राज्य की वाणिज्यिक राजधानी कहलाता है। यह न केवल राज्य के बल्कि कई क्षेत्रों की शिक्षा लेने के लिए प्रसिद्ध केन्द्र है।

इन्दौर भारत का एकमात्र शहर है, जहाँ भारतीय प्रबन्धन संस्थान (आईआईएम इन्दौर) व भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी इन्दौर) दोनों स्थापित हैं। इंदौर महानगरीय क्षेत्र (शहर व आसपास के इलाके) की आबादी 21लाख है जो राज्य में सबसे ज्यादा है। इंदौर अपने खान-पान और नमकीन के लिए देश भर मे जाना जाते हैं।

इंदौर से कई मशहूर लोग जैसे चित्रकार MF हुसैन , लोकसभा स्पीकरसुमित्रा महाजन, शायर राहत इन्दौरी इंदौर की शान हैं। इंदौर मे एक ओर गणेश मंदिर भक्तो से लबरेज रहता हैं तो दूसरी ओर दरगाह नाहरशाह वली पर मन्नतों दुआओं का सिलसिला चलता रहता हैं। इंदौर मे लालबाग़ पैलेस, कृष्णापुरी छतरी और राजवाड़ा भव्य राजशाही स्थान हैं।

यह एक औद्योगिक शहर है, और भारत का तीसरा सबसे पुराने शेयर बाजार, मध्यप्रदेश स्टॉक एक्सचेंज इंदौर में स्थित है। यहाँ लगभग 5000 से अधिक छोटे-बडे उद्योग हैं। यह सारे मध्य प्रदेश में सबसे अधिक वित्त पैदा करता है। पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में 400 से अधिक उद्योग हैं और इनमे 100 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय उद्योग हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “स्मार्ट सिटी मिशन” में 100 के करीब भारतीय शहरों को चयनित किया गया है जिनमें से इंदौर को भी स्मार्ट सिटी में विकसित किया जाएगा। स्मार्ट सिटी मिशन के पहले चरण के अंतर्गत 20 शहरों को स्मार्ट सिटी में विकसित किया जायेगा जिसमे इंदौर भी शामिल है। 2017 के स्वच्छ सर्वेक्षण से लगातार तीन बार इन्दौर भारत का सबसे स्वच्छ शहर रहा हैं। यहां सब साथ होकर शहर की स्वच्छता का खयाल रखते है। शहर मे जगह जगह 200 से ज़्यादा पब्लिक टॉयलेट हैं। इनकी सफाई भी रोज़ दिन में दो बार करि जाती है। नगर निगम पूर्व कमिश्नर मनीष सिंह ने स्वच्छता के लिए शहर के टेंचिंग ग्राउंड पर कई गार्बेज रीसाइक्लिंग प्लांट शुरू करवाए थे। उनके बाद नगर निगम कमिश्नर आशीष सिंह व्यवस्था को बखूबी संभाल रहे है।

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