“आयरन लेडी ऑफ़ इंडिया” श्रीमती इंदिरा गांधी

जहा एक ओर देश स्टेचू ऑफ़ यूनिटी को लेकर  खुशियां  मना रहा हैं, वही दूसरी ओर देश कही “आयरन लेडी ऑफ़ इंडिया” श्रीमती इंदिरा गांधी को भूल गया| देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या 31 अक्टूबर 1984 के दिन हुई थी। | श्रीमती इंदिरा गांधी भारत की एकमात्र महिला प्रधानमंत्री थीं |इंदिरा गांंधी वर्ष 1966 से 1977 तक लगातार 3 पारी के लिए भारत गणराज्य की प्रधानमंत्री रहीं और चौथी पारी में 1980 से लेकर 1984 में उनकी हत्या कर दी गई थी इंदिरा गांधी की हत्‍या को आज 34 साल पूरे हो गए हैं। 31 अक्टूबर, 1984 को उनके ही सुरक्षाकर्मियों ने उन्‍हें गोलियों से छलनी कर दिया था।

श्रीमती इंदिरा गांधी भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं० जवाहरलाल नेहरू की पुत्री थी|इनका माता का नाम कमला नेहरू था|इनका जन्‍म 19 नवम्बर, 1917 को इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश (उत्तरप्रदेश ) के आनंद भवन (आनंद भवन ) में हुआ था|श्रीमती इंदिरा गांधी का पूरा नाम इंदिरा प्रियदर्शनी गाँधी था इंदिरा गांधी ने सोमरविल कॉलेज, ऑक्सफोर्ड से पढाई की थी|वर्ष 1941 में भारत वापस आने के बाद वे भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन में शामिल हो गयीं थीं|

1930 के सविनय कायदा भंग आंदोलन के समय कॉग्रेस के स्वयंसेवको को मदद करने के लिए उन्होंने छोटे बच्चो की ‘वानरसेना’ स्थापित की।1942 में ‘चले जाव’ आंदोलन में शामील होने के कारण इंद्रा को जेल की सजा हुई ।1955 में राष्ट्रिय कॉग्रेस कार्यकारी सदस्या और 1959 में राष्ट्रिय कॉग्रेस अध्यक्ष पद के लिए उनका चुनाव हुआ |

1950 के दशक में वे अपने पिता के भारत के प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल के दौरान गैरसरकारी तौर पर एक निजी सहायक के रूप में उनके सेवा में रहीं। अपने पिता की मृत्यु के बाद सन् 1964 में उनकी नियुक्ति एक राज्यसभा सदस्य के रूप में हुई। इसके बाद वे लालबहादुर शास्त्री के मंत्रिमंडल में सूचना और प्रसारण मत्री बनीं|

सबसे पहले श्रीमती इंदिरा गांधी (इंदिरा गाँधी) को लालबहादुर शास्त्री के मंत्रिमंडल में वर्ष 1964-1966 तक सूचना और प्रसारण मंंत्री बनाया गया था |भारत के दूसरे प्रधान मंत्री लाल बहादुर शास्‍त्री (लाल बहादुर शास्त्री ) की मृत्‍यु के बाद श्रीमती इंदिरा गांधी भारत की तीसरी और देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनींं थी|

इंदिरा गांधी का विवाह 1942 में फिरोज़ गाँधी से हुआ था| इंदिरा गांधी के दो पुत्र थे | राजीव गाँधी ओर संजय गाँधी |इंदिरा गांधी के समय में ही 26 जून 1975 को भारत में आपातकाल लगाया गया था |पंजाब के स्‍वर्ण मंदिर में से आतंकवादियों को निकालने के लिए चलाया गया ऑपरेशन ब्‍लू स्‍टार इंदिरा गांधी के समय में चलाया गया था| बैंकों का राष्ट्रीयकरण सर्वप्रथम श्रीमती इंदिरा गांधी ने ही किया था|

31 अक्टूबर 1984 को श्रीमती गाँधी के आवास पर तैनात उनके दो सिक्ख अंगरक्षकों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी|श्रीमती इंदिरा गांधी को वर्ष 1971 में भारत के सर्वोच्‍च सम्‍मान भारत रत्‍न (भारतरत्न) से सम्‍मानित किया गया था|

30 अक्टूबर के दिन ही इंदिरा गांधी ने एक चुनावी भाषण दिया था। आखिर क्‍या थी सिख समुदाय की नाराजगी की वजह, जो इंदिरा की मौत का कारण बनी? दरअसल सिख समुदाय का एक बड़ा हिस्सा ऑपरेशन ब्लू स्टार के कारण उनसे नाराज़ था। उस दिन इंदिरा गांधी ब्रिटिश ऐक्टर पीटर उस्तिनोव से मिलने जा रही थी जो उनका इंटरव्यू एक डॉक्यूमेंटरी के लिये करने वाले थे। उनके सुरक्षा गार्ड्स बेअंत सिंह और सतवंत सिंह दरवाज़े पर उनका इंतज़ार कर रहे थे। जैसे ही वह दरवाज़े से निकलीं तो बेअंत सिंह ने उनके पेट में तीन गोलियां दाग दी। इंदिरा गांधी गिर गईं और सतवंत सिंह ने अपने स्टेनगन से उन्हें 30 गोलियां दागीं। इंदिरा गांधी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया और कुछ घंटों के बाद उनका निधन हो गया था । इंदिरा की हत्या के बाद कांग्रेस ने सत्ता की बागडोर उनके बड़े बेटे राजीव गांधी ने संभाली थी |

‘ऑपरेशन ब्लू स्टार की यादें आज भी लोगों को टीस देती है।6 जून 1984 के दिन सिखों के सबसे पावन स्थल स्वर्ण मंदिर परिसर में भारतीय सेना की कार्रवाई | 1984 तक पंजाब के हालात बेकाबू हो गए थे । स्वर्ण मंदिर में डीआइजी ए.एस. अटवाल की हत्या के बाद से पंजाब सुलग रहा था। जरनैल सिंह भिंडरांवाले के नेतृत्व में सिखों के एक विद्रोही गुट ने जंग छेड़ रखी थी। भिंडरावाले खालिस्तानी चरमपंथी के तौर पर तेजी से अपनी पैठ पंजाब में बना रहा था।

ऑपरेशन ब्‍लू स्‍टार की सफलता की खुशी सैकड़ों लोगों की मौत की खबर के आगे फीकी पड़ गई थी। इंदिरा गांधी को बताया गया था कि इतनी मौतें नहीं होंगी।’ ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद कांग्रेस पार्टी और सिखों के बीच तनाव बढ़ने लगा। ऑपरेशन ब्‍लू स्‍टार में जरनैल सिंह भिंडरावाला के मारे जाने के बाद खालिस्‍तान मूवमेंट कुछ कमजोर पड़ गया था ।

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