पहली बार “आदि अमरनाथ यात्रा 2019” मे 12000 फीट पर सिक्स सिग्मा हेल्थकेर देगी सेवाएं

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चीन सीमा के अंतिम गांव नीती में भी बर्फानी बाबा, बना बर्फ का शिवलिंग, 12000 फ़ुट पर सिक्स सिग्मा हेल्थकेर देगी हाई ऐल्टिटूड मेडिकल सर्विसेज़ |डॉक्टर प्रदीप भारद्वाज, सी॰ई॰ओ॰ सिक्स सिग्मा ने बताया कि वे सिक्स सिग्मा हाई एल्टीट्यूड मेडिकल रेस्क्यू द्वारा लगाए गए विभिन्न मेडिकल कैंपों में अब तक 5889 पीड़ित को चिकित्सा सेवा दे चुकी हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा में उन्होंने डोल्मा पास में 19500 फीट की ऊंचाई पर 750 पीड़ितों को चिकित्सा सहायता देकर उनकी जान बचाई थीं।

2015 में नेपाल में आए भीषण विनाशकारी भूकंप में गोरखा जिले में रेस्क्यू टीम के साथ सबसे पहले पहुंचकर आपदा से पीड़ित 1700 से अधिक लोगों की सहायता की। 2014 में श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान 11290 श्रद्धालुओं को चिकित्सा सेवा दी। 2018 में केदारनाथ, हेमकुण्ड, मध्यमहेश्वर में भी बेहद स्वास्थ्य सेवाएँ दी !! इन्हीं जीवनदायनी सेवाओं से प्रभावित होकर राष्ट्रपति व प्राइम मिनिस्टर मोदी जी भी सिक्स सिग्मा टीम को सम्मानित कर चुके हैं। इससे पहले 2017 में उन्हें केंद्र सरकार का ई गवर्नेंस पुरस्कार, 2016 में प्रदेश का कल्पना चावला शौर्य पुरस्कार, नैशनल यूथ अवार्ड और दिल्ली सरकार की ओर से एचीवमेंट पुरस्कार मिल चुका है।

अमरनाथ की भांति देवभूमि उत्तराखंड के नीति घाटी की एक गुफा में भी बाबा बर्फानी हर साल विराजमान होते रहे हैं। इस बार भी यहाँ बाबा बर्फानी का शिव लिंग पिछले दिनों हुई बर्फबारी के बाद पूर्ण आकर ले चुका है !

शीतकाल के दौरान मंदिर के पास ही एक गुफा में बर्फ का शिवलिंग आकार लेता है। गुफा में शिवलिंग पर पहाड़ी से लगातार जलधारा गिरती रहती है। दरअसल, टिम्मरसैंण में पहाड़ी पर स्थित गुफा के अंदर एक शिवलिंग विराजमान है. सर्दियों में इसपर बर्फ जमने से करीब 10 फुट ऊंचा शिवलिंग बन जाता है. इस शिवलिंग पर पहाड़ी से टपकने वाले जल से हमेशा अभिषेक होता रहता है.!

दरअसल, सुरक्षा की दृष्टि संवेदनशील होने के कारण यहां यात्रा के संचालन में कई तरह की दिक्कतें आती हैं। बाहरी लोगों को इनर लाइन (सेना द्वारा तय सीमा) से आगे जाने की अनुमति नहीं है। चमोली जिले में जोशीमठ से 100 किलोमीटर दूर भारत-चीन सीमा पर मौजूद आखिरी गांव है नीती। नीती से दो किलोमीटर दूर नीती महादेव का मंदिर है।कदम कदम पर रहस्यों से भरे उत्तराखंड में बाबा बर्फानी एक बड़े रहस्य हैं।

देश के इस अंतिम गावं में बसे बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए सड़क दो किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़कर जाना होता है. आइटीबीपी के जवान और स्थानीय बताते हैं कि बाबा बर्फानी की गुफा के आस-पास बर्फ नहीं होती लेकिन ये बाबा जी की कृपा ही है कि गुफा के अंदर बर्फ का इतना विशाल शिवलिंग बन जाता है !

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