राजनितिक साक्षात्कार ना होकर भी राजनीती गरमा गया “जब अक्षय मेट पीएम” का इंटरव्यू

चुनाव की गर्मी में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभिनेता अक्षय कुमार को एक साक्षात्कार दिया। पिछले दिन, कुमार ने ट्वीट भी किया था की वह एक नए क्षेत्र” में प्रवेश करेंगे।ये इंटरव्यू बिलकुल गैर राजनीती था| सॉफ्ट इंटरव्यू था,लेकिन इस इंटरव्यू की चर्चाओं ने राजनीती को गरमा दिया |

इस साक्षात्कार में नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत जीवन, संबंधों और हितों पर ध्यान केंद्रित कर सवाल पूछे गए थे ?अभिनेता अक्षय कुमार बुधवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक ‘गैर-राजनीतिक’ बातचीत की ,51 वर्षीय अभिनेता अक्षय कुमार  ने पीएम से  कई सवाल पूछे जैसे  कि “आप सिर्फ 3 या 4 घंटे सोते हैं”, “क्या आपके पास विपक्षी दलों में कोई दोस्त हैं” और “क्या आप  अपनी तनख्वाह से अपनी माँ को कुछ भी देते हैं””।क्या आप को आम खाना पसंद हैं ?

अक्षय कुमार ने पीएम से यह पूछकर बातचीत शुरू की कि क्या उन्हें आम खाना पसंद है?  इसके जवाब में, पीएम मोदी ने कहा की हां उन्हे आम खाना बेहद पसंद हैं जब वो बच्चे थे तब पेड़ पर पके हुए आम खाना ही पसंद करते थे और इतने पैसे भी नहीं थे की आम खरीद कर खा पाये |इस लिए किसी भी आम के बाग मे जा कर वो आम का आनंद उठाते थे | हालांकि, पीएम ने कहा, की अब वो अपने आहार को बड़े ही संतुलित ढंग से गृहण करते हैं |

अक्षय के पूछने पर की अगर मोदी पीएम नहीं होते तो क्या होते ?

पीएम मोदी ने कहा  कि उन्होंने इसके बारे में कभी नहीं सोचा था। उनकी गैर-राजनीतिक पारिवारिक पृष्ठभूमि के रहते हुए ये सोचना भी एक सपने की तरह था | उन्होंने कहा कि अगर उन्हें नियमित नौकरी मिल जाती है, तो भी उनको और उनकी माँ को ख़ुशी होजाती । कभी मोदी सोचा करते थे की  कि वह एक ‘संन्यासी’ होंगे  या सेना मे देश की सेवा करेगे एक सैनिक बनकर ।उन्होंने खुलासा किया कि एक बच्चे के रूप में, उन्हें कभी कोई मार्गदर्शन नहीं मिला।लेकिन मन मे विश्वास ज़रूर था की समाज की सेवा के लिए कुछ न कुछ तो ज़रूर करते और पीएम बनने के बाद, मोदी ने कहा, लोगों के लिए पचाना आसान नहीं था।

अक्षय ने अगला सवाल किया की क्या पीएम कभी गुस्सा महसूस करते हैं?

पीएम मोदी ने इसका जवाब देते हुए कहा कि  गुस्सा  मानव स्वभाव का हिस्सा है। हालांकि, उन्हें कभी भी अपना गुस्सा जाहिर करने का मौका नहीं मिला। इसके अलावा उन्होने  कभी भी गुस्से का प्रदर्शन नहीं किया क्यों की मोदी कोई भी बात समझने पर भरोसा करते हैं |

अगले सवाल पूछे जाने पर की मोदी खुद को किस रूप मे ज़्यादा सहज पाते हैं सख्त पीएम या अनुशासित नेता के रूप मे ?

अपनी  सख्त नेता की प्रतिष्ठा पर प्रतिक्रिया देते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि वह एक अनुशासित व्यक्ति हैं और सख्त नेता नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह ऐसा नहीं है की मोदी किसी को नीचा दिखाना  पसंद करते  है। इसके बजाय, उन्होंने कहा कि वह लोगों को सीखना, बताने पर ज़्यादा विश्वास करते हैं| अपनी टीम के साथ काम करने और उनसे अधिक सीखने का विकल्प चुनते है।

अक्षय के अगले सवाल पर  कि क्या मोदी को अपने परिवार के साथ अधिक समय बिताने का मन करता  है। मोदी ने इसका जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने बहुत कम उम्र में परिवार छोड़ दिया था । उन्होंने बताया कि उन्हें पूरी तरह से अलग तरीके से  खुद को प्रशिक्षित किया और उन्होंने पीएम के रूप में अपना घर नहीं छोड़ा। इसलिए, वो अब सब कुछ अलग तरह से देखते हैं अब देश सेवा और देश को ही अपना परिवार मानते हैं ।

पीएम मोदी इसके बाद विपक्षी नेताओं के साथ अपने संबंधों को लेकर उत्तर देते हुए कहा की  विरोधी दलों के कुछ लोग उनके दोस्त हैं। जिसमे गुलाम नबी आज़ाद और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ उनके अच्छे सम्बन्ध हैं | मोदी ने कहा कि ‘दीदी’ उन्हें हर साल बंगाली मिठाई  और कुर्ते भेजती है।

अपनी सेवानिवृत्ति के बाद की योजनाओं के बारे में बात करते हुए, ,मोदी ने कहा की अभी फिलहाल तो ऐसा कुछ सोचा नहीं हैं, लेकिन हां  सेवानिवृत्ति के बाद भी समाज की ही सेवा करेगे |

सात घंटे की नींद के महत्व पर जोर देते हुए,अक्षय  ने पूछा कि पीएम हर दिन केवल तीन से साढ़े तीन घंटे ही सोते हैं फिर काम कैसे कर पाते हैं।

अपने जवाब में, पीएम ने कहा  कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा सहित उनके सभी दोस्त उनसे यही सवाल पूछते हैं। मोदी ने कहा  कि  उनकी नींद इतने समय मे पूरी होजाती हैं ये उनकी कठोर तपस्या और साधना का फल हैं की जिसकीवजह से अब उनका शरीर इतनी नींद का आदि हो गया हैं |

उनके वेतन के बारे में सवाल किया गया की क्या वो अपनी माँ को पैसे देते हैं ?, तो पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें हमेशा उनकी मां ने पैसे दिए हैं। इसलिए, उसने कुछ भी घर नहीं भेजा। यह, उन्होंने समझाया, इसका मतलब यह नहीं था कि वह अपनी मां से उन्हे प्यार या उनकी परवाह नहीं करते हैं ।ऐसा इसलिए था क्योंकिउनकी माँ को  कभी भी  किसी चीज़ की ज़रूरत नहीं थी।

मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि जब वह सीएम थे, तब भी उन्होंने अपने परिवार को कोई  वित्त सहायता नहीं की ? राजनीती के सवालो से परे इस साक्षात्कार ने कई लोगो का ध्यान अपनी और आकर्षित भी किया |”जब अक्षय मेट पीएम”,राजनितिक साक्षात्कार ना होकर भी राजनीती गरमा गया  PM नरेंद्र मोदी का इंटरव्यू |”जब अक्षय मेट पीएम” शीर्षक के साथ,  टीवी चैनलों  ने उस साक्षात्कार पर खूब चर्चा भी की गयी |

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