स्लमडॉग मिलियनेयर के संगीतकार ए आर रहमान के ऑस्कर के हुए 10 साल पूरे

स्लमडॉग मिलियनेयर के संगीतकार ए आर रहमान के ऑस्कर के हुए 10 साल पूरे |स्लमडॉग मिलियनेयर ’के 10 साल के जश्न में बॉलीवुड की कई हस्तियाँ जैसे गुलज़ार, अनिल कपूर, अलका याग्निक,इला अरुण ने शिरकत की । फिल्म ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ का जश्न मुंबई के धारावी में आयोजित किया गया |कुछ साल पहले संगीत संगीतकार ए आर रहमान ने ऑस्कर के दौरान एक ही रात में डैनी बॉयल के स्लमडॉग मिलियनेयर के लिए दो अकादमी पुरस्कार जीतकर पहले भारतीय बनकर इतिहास रच दिया था ।

यह उत्सव स्लमडॉग मिलियनेयर के लिए एक उत्सव था, जिसमें एक लड़के के चीर-फाड़ से लेकर धन-दौलत तक के सफर की कहानी थी।रहमान ने बताया कि वह समारोह मे दुबले दिखने के लिए, एक दिन पहले से ‘भूखे’ थे।ख़बरों के अनुसार रहमान ने कहा की ,मैं समारोह मे पतला दिखने के लिए भूखा रहा था ! यह पूछे जाने पर कि क्या दो ऑस्कर पाने के रिकॉर्ड को पार करना मुश्किल था , रहमान ने बताया “हां,लेकिन अब मैं आगे बढ़ गया हूं क्योंकि यह मेरे लिए एक बड़ी पहचान है और मुझे हॉलीवुड में होने के लिए उस पहचान की जरूरत थी। अब जब भी मेरा उल्लेख किया जाता है तो लोग मेरा नाम जानते हैं। ”

अब कॉन्फिडेंस बढ़ गया हैं इसीलिए ,अब स्वतंत्रता शक्ति के साथ आगे बढ़ा हूँ ।रहमान को दो अकादमी पुरस्कार मिले, जिनमें से एक स्लमडॉग मिलियनेयर के मूल स्कोर के लिए और दूसरा बेहद लोकप्रिय ग्लोबल हिट गीत जय हो,के लिए मिला था| फिल्म मे ये देव पटेल और फ्रीडा पिंटो द्वारा अभिनीत है।

दस साल पहले डैनी बॉयल द्वारा निर्देशित, स्लमडॉग मिलियनेयर ने 10 वें नामांकन में से 8 ट्रॉफी के साथ 81 वें अकादमी पुरस्कारों की झड़ी लगा दी थी । AR रेहमान का सफर दिलीप से अल्लाहरक्खा रेहमान बनने तक आसान नहीं था | मशहूर गायकार ए आर रहमान पहले एक हिन्दू परिवार से ताल्लुक रखते थे लेकिन बाद में इन्होने इस्लाम कबूल कर लिया था| ए आर रहमान एक ऐसे गायकार हैं जिनको भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में जाने जाता है| और इनका मकाम गायकी की दुनिया में बहुत ही बड़ा है|

इनके गाये हुए गानो के आज भी लोग दीवाने हैं | भारत के ऐसे गायकार है जिन्हें ऑस्कर अवार्ड से नवाजा गया था. हाल ही में ए आर रहमान को मिले ऑस्कर अवॉर्ड को 10 साल पूरे हो गए हैं | 10 साल पूरे होने पर ए आर रहमान ने इसका सेलिब्रेशन ज़ोरशोर से किया |इस मौके पर उनकी बेटी खदीजा रहमान भी मौजूद थी | खदीजा रहमान को स्टेज पर बुलाया गया तो जब वह स्टेज पर आयीं तो वह पूरी तरह से पर्दे में थी उन्होंने नकाब लगा रखा था जिसमें से सिर्फ उनकी आंख नजर आ रही थी.और बाकी उनका पूरा बदन ढका हुआ था|

खदीजा की उम्र 23 साल है |खदीजा रहमान इतने बड़े गायकार की लड़की होते हुए भी एक मुस्लिम खातून की तरह नज़र आती हैं, और परदे का पूरा ख्याल रखती हैं जब वो इस मौके पर स्टेज पर आई तो उन्हें देखने वाले लोगो को यकीन ही नहीं हुआ कि ये मशहूर गायकार ए आर रहमान की बेटी हैं . इस्लाम में जो परदे का हुक्म है उसे फॉलो कर इस तरह स्टेज पर आना से खदीजा ने सभी को चौंका दिया|

खदीजा ने अपने अब्बू AR रेहमान की तारीफ मे कहा की AR रहमान मज़दूर का पसीना सूखने से पहले ही उसकी मज़दूरी देने पर  विश्वास करते हैं ,जोकि मोहम्मद साहब का कॉल भी हैं| असली ज़िन्दगी मे भी मोहम्मद साहेब के बताए हुए रास्तो पर चलने की कोशिश करते हैं रेहमान |जिस बुज़ुर्ग के लगातार सपनो मे आने से और इस्लाम कबूल करने तक का सफर तय करने मे और अपने धर्म को छोड़ने मे, और इस्लाम कबूल करने का फैसला लेने मे ,रेहमान को लग भग दस साल लग गए | आज भी अपनी व्यस्त ज़िन्दगी होने के बावजूद रेहमान पन्जवक्ता नमाज़ी हैं |अजमेर दरगाह पर बहुत अकीदत हैं उनकी , अमुमन दिल्ली के निज़ामुद्दीन दरगाह पर भी अपनी हाजरी पेश कर जाते हैं रहमान |

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